श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ा असंतोष, 25 नाराज विधायक लामबंद; 6 नवंबर को फारूक अब्दुल्ला से करेंगे मुलाकात
जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अंदरूनी असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। वरिष्ठ नेता और छह बार के विधायक मुबारक गुल की नाराजगी के बीच पार्टी के करीब 25 असंतुष्ट विधायकों ने भी नेतृत्व के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर दी है। पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान के बीच शुक्रवार, 6 नवंबर को नाराज विधायकों की पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात होने की संभावना है।
दरअसल, 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पार्टी में नाराजगी सामने आई थी। चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद मंत्रिमंडल में उपलब्ध सभी नौ पद भर गए। इस विस्तार में मुबारक गुल समेत कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली, जिसके बाद उनके समर्थकों ने भी नाराजगी जाहिर की। मुबारक गुल बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने इसे स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएंगे और अपने समर्थकों की भावनाओं के अनुसार आगे का फैसला करेंगे।
इस बीच असंतुष्ट विधायकों ने पिछले एक सप्ताह में कई बंद कमरे की बैठकें की हैं। 4 नवंबर को करीब 11 विधायक श्रीनगर में विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी के आवास पर जुटे और आगे की रणनीति पर चर्चा की। अब गुरुवार को भी विधायकों की एक और बैठक प्रस्तावित है, जिसमें शुक्रवार को होने वाली मुलाकात के लिए साझा रणनीति तैयार की जाएगी।
नाराज विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को करीब 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है। इसमें मंत्रिमंडल के पुनर्गठन, दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को हटाने की मांग शामिल है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से लोक निर्माण विभाग का प्रभार वापस लेने और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को पद से हटाने की मांग भी उठाई गई है।
विधायकों की नाराजगी केवल मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। वे पार्टी और सरकार में वरिष्ठ विधायकों को अधिक प्रतिनिधित्व देने तथा फैसले लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। वहीं, पार्टी प्रवक्ता इमरान नबी डार ने आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कही है।
अब शुक्रवार को होने वाली संभावित बैठक को नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के सामने असंतुष्ट विधायक अपनी मांगें रखेंगे। बैठक के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पार्टी नेतृत्व नाराज नेताओं को मनाने में कितना सफल रहता है और मंत्रिमंडल तथा संगठन में बदलाव को लेकर क्या फैसला लिया जाता है।
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