दुर्गा पूजा पास घोटाला: पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की बढ़ीं मुश्किलें, दो विभागों के 150 सरकारी टेंडर जांच के घेरे में
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फर्जी दुर्गा पूजा प्रीव्यू पास और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब उनके कार्यकाल के दौरान पर्यटन और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभागों से जारी करीब 150 सरकारी टेंडरों की जांच करेगी। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2021 से 2026 के बीच ये टेंडर सेन से कथित रूप से जुड़ी तीन कंपनियों को दिए गए थे।
जांच के दायरे में आने वाली कंपनियों में सेन की पत्नी मधुछंदा सेन की कंपनी मास आर्ट भी शामिल है। पुलिस को संदेह है कि इन कंपनियों को सरकारी ठेके दिलाने में पूर्व मंत्री का अप्रत्यक्ष प्रभाव रहा हो सकता है। इन टेंडरों में रेड रोड कार्निवल, सड़कों की सजावट, अमिताभ बच्चन के जन्मदिन का आयोजन, दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर में प्रसाद वितरण और विभिन्न स्थानों पर मिठाइयां बांटने जैसे कार्यक्रमों से जुड़े काम शामिल बताए जा रहे हैं।
इस मामले में सेन के करीबी सहयोगी ध्रुवज्योति बसु को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के बाद से फरार बताए जा रहे थे। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर कंपनियों के संचालन, सरकारी टेंडरों के आवंटन और कथित वित्तीय लेनदेन में उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
दरअसल, पूरा मामला दुर्गा पूजा के दौरान यूनेस्को के नाम और लोगो के कथित इस्तेमाल से जुड़े प्रीव्यू शो पास की बिक्री से सामने आया था। आरोप है कि मास आर्ट ने वर्ष 2022 से 2025 के बीच दुर्गा पूजा पंडालों के विशेष दर्शन के लिए पास जारी किए और लोगों को यह भरोसा दिलाया कि आयोजन को यूनेस्को की आधिकारिक मान्यता या साझेदारी प्राप्त है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इसी दावे के आधार पर लोगों से बड़ी रकम वसूली गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मास आर्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य कंपनियों के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मधुछंदा सेन ने पूछताछ के दौरान कंपनी के रोजमर्रा के संचालन और बड़े फैसलों में अपने पति इंद्रनील सेन तथा ध्रुवज्योति बसु की भूमिका होने की बात कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लोगों की भूमिका जांच का विषय है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। एजेंसी पहले ही सेन और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर तलाशी ले चुकी है। अब पुलिस की जांच का दायरा दुर्गा पूजा पास की बिक्री से आगे बढ़कर सरकारी टेंडरों और कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में ध्रुवज्योति बसु से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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