चुनाव में हार के बाद बदले नियम, राहुल गांधी ने महाराष्ट्र सरकार पर लगाया जनादेश पलटने का आरोप; सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित गोकुल मिल्क फेडरेशन (गोकुल डेयरी) के चुनाव को लेकर भाजपा और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादकों ने चुनाव में भाजपा समर्थित पैनल को हराकर कांग्रेस समर्थित गठबंधन को बहुमत दिया, लेकिन चुनाव परिणाम के बाद नियमों में बदलाव कर जनादेश को पलटने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने इस मामले को दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी और जनादेश में मिलावट करार दिया।
दरअसल, गोकुल डेयरी के 25 सदस्यीय संचालक मंडल के लिए 19 अक्टूबर को हुए चुनाव में कांग्रेस समर्थित राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 13 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा समर्थित महायुति गठबंधन को 12 सीटें मिली थीं। इस परिणाम के बाद कांग्रेस समर्थित पैनल ने फेडरेशन पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की तैयारी की थी।
हालांकि, 29 अक्टूबर को अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान महायुति समर्थित संचालकों के अनुपस्थित रहने के कारण आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया। इसी बीच महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने बुधवार, 4 नवंबर को महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत बड़े सहकारी संघों के संचालक मंडल में सरकार को मनोनीत सदस्यों को शामिल करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है। इन सदस्यों को मतदान का अधिकार मिलने से गोकुल डेयरी के संचालक मंडल का राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
राहुल गांधी ने इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव में हारने के बाद भाजपा ने नियम बदलकर चार निदेशकों को शामिल करने की तैयारी की है, जिससे उसका आंकड़ा 12 से बढ़कर 16 हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दूध उत्पादकों के मताधिकार और उनके जनादेश के साथ खिलवाड़ है। राहुल ने कहा कि सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक फैसले को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी, ताकि दूध उत्पादकों के लोकतांत्रिक जनादेश और सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा की जा सके। वहीं, गोकुल चुनाव में कांग्रेस समर्थित पैनल का नेतृत्व करने वाले सतेज पाटिल ने भी सरकार के फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
गोकुल डेयरी महाराष्ट्र की प्रमुख सहकारी दुग्ध संस्थाओं में शामिल है। इससे करीब 4.41 लाख दूध उत्पादक जुड़े हुए हैं और इसकी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में संचालक मंडल की संरचना में प्रस्तावित बदलाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट की आगामी कार्यवाही के साथ 10 नवंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव पर भी नजर रहेगी।
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