बांग्लादेश में वेतन बढ़ाने की मांग पर हिंसा, पुलिस चौकियों में तोड़फोड़ और आगजनी; BGB तैनात
बांग्लादेश में कपड़ा फैक्टरी के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया। राजधानी ढाका के मीरपुर और औद्योगिक क्षेत्र गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान पुलिस चौकियों और वाहनों में तोड़फोड़ के साथ आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवानों को भी तैनात किया गया है।
प्रदर्शनकारी न्यूनतम मासिक वेतन 12,500 टका से बढ़ाकर 30,000 टका करने की मांग कर रहे हैं। रविवार सुबह मीरपुर-10 चौराहे पर कर्मचारियों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इस दौरान एक पुलिस वाहन में आग लगा दी गई। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, झड़पों में कम से कम 20 लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
गाजीपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने ढाका-टांगाइल राजमार्ग के कई हिस्सों पर जाम लगाया। कोनाबाड़ी और अन्य औद्योगिक इलाकों में पुलिस चौकियों और वाहनों को निशाना बनाए जाने तथा आगजनी की घटनाएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में BGB की पांच प्लाटून तैनात की गई हैं। कई स्थानों पर यातायात बाधित रहा और सुरक्षा कारणों से फैक्टरियों को बंद करना पड़ा।
बांग्लादेश सरकार ने विवाद सुलझाने के लिए छह सदस्यीय न्यूनतम वेतन बोर्ड का गठन किया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहे। बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, रविवार को ढाका, गाजीपुर, मयमनसिंह और सावर-अशुलिया में 529 फैक्टरियों का काम प्रभावित हुआ और करीब 9.87 लाख कर्मचारी कार्यस्थलों से बाहर रहे। सरकार ने श्रमिकों से काम पर लौटने की अपील की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)