जम्मू के लोग चाहते थे दरबार मूव की वापसी, सरकार ने जनता की इच्छा का सम्मान किया: अब्दुल रहीम राथर
जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सोमवार को 154 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा की बहाली को जनता की भावनाओं से जुड़ा फैसला बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू के लोग लंबे समय से इस परंपरा को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे थे और सरकार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए इसे बहाल किया है।
जम्मू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राथर ने कहा कि दरबार मूव कोई नई व्यवस्था नहीं है। यह कई दशकों से चली आ रही परंपरा रही है, जिसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। सरकार ने विचार-विमर्श के बाद वर्ष 2025 में इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन छह महीने तक जम्मू से काम करते हुए पूरे केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की सेवा करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दरबार मूव का लाभ जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिलता है। दोनों क्षेत्रों की जनता की इच्छाओं और आकांक्षाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि यह परंपरा आगे भी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनी रहेगी।
आगामी बजट सत्र को लेकर राथर ने कहा कि उन्हें सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित होने का भरोसा है। करीब चार दशक के विधायी अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष सहित सभी दलों के सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया था और अधिकांश सदस्यों ने कार्यवाही के संचालन पर संतोष जताया था।
सरकार में हाल ही में शामिल हुए चार नए मंत्रियों का उल्लेख करते हुए राथर ने कहा कि नए और अनुभवी, दोनों तरह के मंत्रियों से उनकी अपेक्षा है कि वे जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप काम करें। उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
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