दिग्विजय सिंह का हिंदुत्व पर बयान, बोले- इससे दिल-दिमाग में नफरत भरती है; सनातन धर्म को बताया अलग
राघौगढ़। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व को लेकर एक बार फिर बयान दिया है। मध्य प्रदेश के राघौगढ़ में अपनी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुत्व से लोगों के दिल और दिमाग में नफरत भरती है, जबकि सनातन धर्म पूरी दुनिया को एक परिवार मानने का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से हिंदुत्व की विचारधारा से दूर रहने की अपील भी की।
सिंह ने सनातन धर्म और हिंदुत्व को अलग-अलग बताते हुए कहा कि सनातन परंपरा का मूल संदेश सद्भाव, एकता और मानवता है। उनका कहना है कि धर्म के नाम पर समाज में नफरत और विभाजन फैलाना सनातन की मूल भावना के विपरीत है। इससे पहले भी वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर हिंदुत्व की विचारधारा के जरिए सनातन धर्म को विकृत करने का आरोप लगा चुके हैं।
राघौगढ़ में यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान और चंदे के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मंदिर से जुड़े चंदे का पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई। हालांकि, मंदिर के चंदे में गड़बड़ी को लेकर लगाए गए उनके आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
इसके अलावा कांग्रेस नेता ने चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने की मांग भी दोहराई। उनकी यात्रा का घोषित उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता तथा कथित वोट चोरी के मुद्दे पर जनजागरूकता फैलाना है।
दिग्विजय सिंह की यह यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हुई थी और इसका लक्ष्य अयोध्या तक पहुंचना है। करीब 930 किलोमीटर की इस पदयात्रा में धार्मिक स्थलों के प्रबंधन, दान के हिसाब और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं। 4 नवंबर को यात्रा राघौगढ़ पहुंची थी, जहां उनके बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया।
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