बिहार में 44,250 कारतूस बरामदगी पर सियासी घमासान, तेजस्वी यादव ने RSS पर उठाए सवाल
पटना। बिहार और हरियाणा में अंतरराज्यीय कारतूस तस्करी नेटवर्क के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का नाम लेते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग RSS से संबंधित हैं और पूछा कि क्या इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस की बरामदगी के पीछे देशभर में धमाके करने की कोई साजिश थी।
तेजस्वी यादव ने चंदन तिवारी, अभिषेक तिवारी, लालटू कुमार और सरस कुमार के नाम लेते हुए RSS को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग भी उठाई। हालांकि, इन लोगों के RSS से संबंध होने और किसी आतंकी साजिश में उनकी भूमिका की पुलिस या किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
दरअसल, 2 नवंबर को बिहार के भोजपुर जिले में बिहार पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कोईलवर थाना क्षेत्र के कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास एक वाहन की तलाशी लेकर 19,250 जिंदा कारतूस और एक देसी पिस्तौल बरामद की थी। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनकी पहचान चंदन तिवारी, लालटू कुमार और सरस कुमार के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, तीनों कथित तौर पर अंतरराज्यीय हथियार और गोला-बारूद तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे।
इसके बाद हरियाणा में एसटीएफ ने अलग कार्रवाई करते हुए झज्जर जिले के रोहद टोल प्लाजा के पास दो वाहनों से 25,000 कारतूस बरामद किए और छह लोगों को गिरफ्तार किया। इस तरह बिहार और हरियाणा की दोनों कार्रवाइयों में कुल 44,250 कारतूस जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र कारतूसों के स्रोत, उनकी खरीद-बिक्री, आपूर्ति के रास्तों और अंतिम खरीदारों की पहचान करना है। बिहार पुलिस ने बताया है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई जारी है।
फिलहाल, कारतूसों की बरामदगी और कथित तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है। तेजस्वी यादव के RSS से जुड़े होने के आरोप और संगठन को आतंकवादी घोषित करने की मांग ने इस मामले को राजनीतिक बहस का मुद्दा बना दिया है। हालांकि, अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में किसी आतंकी हमले की साजिश या RSS की संस्थागत संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
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