अलीगढ़ में धूल के बीच जारी निर्माण कार्य, दिल्ली-एनसीआर में सख्ती के बावजूद नियमों की अनदेखी
अलीगढ़। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए निर्माण और तोड़फोड़ से उड़ने वाली धूल पर सख्ती की जा रही है, लेकिन अलीगढ़ में कई सरकारी परियोजनाओं के निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय नदारद दिखाई दे रहे हैं। रामघाट रोड सहित शहर के कई इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान धूल के गुबार उठ रहे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
शहर में रामघाट रोड, तालानगरी, पीएसी, क्वार्सी, जीटी रोड, मेडिकल रोड और एटा चुंगी से बौनेर बाईपास तक सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, नाला निर्माण और सीएम ग्रिड से जुड़े कार्य चल रहे हैं। आरोप है कि कई स्थलों पर ग्रीन नेट नहीं लगाई गई है और नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं हो रहा। निर्माण सामग्री खुले में रखी होने और भारी वाहनों की आवाजाही से धूल आसपास के वातावरण में फैल रही है।
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना, ढके हुए वाहनों से उनका परिवहन तथा मलबे का निर्धारित स्थान पर निस्तारण जरूरी है। बड़े निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट और अन्य निर्धारित उपाय भी अपनाए जाने चाहिए, ताकि धूल आसपास के क्षेत्रों में न फैले।
इस बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 5 से 20 नवंबर तक पूरे दिल्ली-एनसीआर में धूल पैदा करने वाली बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। रेलवे, मेट्रो, अस्पताल, हवाई अड्डे, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय महत्व की कुछ परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के तहत छूट दी गई है। सड़क, हाईवे और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाएं भी इस प्रतिबंध के दायरे में हैं।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने संबंधित संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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