यूरोप में बम धमकियों से हवाई यातायात प्रभावित, डबलिन-रोम फ्लाइट फ्रांस के सैन्य एयरबेस पर उतारी गई
नई दिल्ली। यूरोप में लगातार मिल रही बम धमकियों से हवाई यातायात और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार, 5 नवंबर को डबलिन से रोम जा रही एर लिंगस की एयरबस A320 को संदिग्ध बम धमकी मिलने के बाद फ्रांस की ओर मोड़ दिया गया। विमान को नॉर्मंडी स्थित एव्रू सैन्य एयरबेस पर सुरक्षित उतारा गया। विमान में 151 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे।
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नू के कार्यालय ने बताया कि विमान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। फ्रांसीसी वायुसेना ने धमकी की सूचना मिलते ही सैन्य विमान रवाना किए और यात्री विमान को सुरक्षित एयरबेस तक पहुंचाया। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बम निरोधक टीम ने विमान की जांच शुरू की।
इससे पहले 3 नवंबर को भी यूरोप की कम से कम सात यात्री उड़ानों को बम धमकियां मिली थीं। इन घटनाओं के कारण पोलैंड के वारसॉ में एक हवाई अड्डे पर अस्थायी रूप से परिचालन रोकना पड़ा था। इटली में रोम पहुंचने वाली एक उड़ान को लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा घेरे में लिया था, जबकि स्पेन और बुल्गारिया में भी विमानों की जांच की गई थी। सभी मामलों में जांच के दौरान कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला।
5 नवंबर को भी कई अन्य उड़ानों को धमकी मिलने की खबरें सामने आईं। मिलान से वारसॉ जा रही विज एयर की उड़ान को वियना की ओर मोड़ा गया। वहीं, हेलसिंकी से रोम आ रही फिनएयर की उड़ान को इतालवी लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा प्रदान की। चेक गणराज्य और बुल्गारिया की उड़ानों को भी धमकी मिलने के बाद सुरक्षा जांच की गई।
फिलहाल इन धमकियों के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसी संगठन ने जिम्मेदारी भी नहीं ली है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अलग-अलग देशों और एयरलाइंस को मिल रही धमकियों के बीच कोई संबंध है या नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी झूठी धमकियों का मकसद बिना किसी वास्तविक हमले के हवाई सेवाओं में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा करना भी हो सकता है। हालांकि, किसी बड़ी साजिश की पुष्टि के लिए अभी पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए हैं।
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