होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों में आग, ईरान का बारूदी सुरंग से टकराने का दावा; अमेरिका पर लगाए आरोप
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों में आग लगने की घटनाओं से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को दावा किया कि दो अलग-अलग घटनाओं में दो तेल टैंकरों और एक टगबोट में आग लग गई। इनमें दो सुपरटैंकर शामिल हैं। ईरानी संगठन के मुताबिक, एक टैंकर प्रतिबंधित समुद्री मार्ग से गुजरते समय बारूदी सुरंग से टकरा गया, जबकि दूसरे टैंकर में पूर्वी हिस्से में आग लगी। आग बुझाने के लिए पहुंचे टगबोट में भी आग फैल गई।
आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि अमेरिका वाणिज्यिक जहाजों को उसके द्वारा असुरक्षित घोषित किए गए समुद्री रास्तों से गुजरने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। संगठन का कहना है कि ऐसे मार्गों पर बारूदी सुरंगों का खतरा होने के बावजूद जहाजों की आवाजाही कराई जा रही है। हालांकि, इन घटनाओं और बारूदी सुरंग से टकराने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जहाजों के नाम, उनके झंडे और चालक दल की स्थिति को लेकर भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
आईआरजीसी ने एक अलग बयान में दावा किया कि उसकी नौसैनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इकाई ने दो अमेरिकी निर्मित लुकास ड्रोन को अपने नियंत्रण में लेकर सुरक्षित उतारा और कब्जे में ले लिया। इस दावे पर भी अमेरिकी पक्ष की ओर से तत्काल पुष्टि सामने नहीं आई।
इसी बीच ब्रिटेन के समुद्री निगरानी संगठन यूकेएमटीओ ने कतर के उत्तरी तट से करीब 50 समुद्री मील दूर फारस की खाड़ी में एक टैंकर पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला होने की सूचना दी। इस घटना को होर्मुज में ईरान की ओर से बताए गए बारूदी सुरंग वाले मामलों से अलग माना जा रहा है। यूकेएमटीओ ने जहाज को हुए नुकसान और चालक दल की स्थिति के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं दी।
अमेरिका में भी ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने कहा है कि उनका लक्ष्य युद्ध समाप्त कराना है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर कुछ रिपब्लिकन सांसदों का भी समर्थन मिल सकता है। शूमर ने राष्ट्रपति के सैन्य फैसलों पर नियंत्रण के लिए अमेरिकी कांग्रेस की वित्तीय शक्तियों का इस्तेमाल करने की बात कही।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां लंबे समय तक तनाव या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल जहाजों में आग लगने की घटनाओं, कथित बारूदी सुरंगों और ड्रोन कब्जे के दावों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।
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