चुनाव आयोग में कार्य आवंटन विवाद पर नया आदेश: आईटी प्रमुख फिर डिप्टी चुनाव आयुक्त के अधीन, आयोग ने मतभेद की खबरों को किया खारिज
नई दिल्ली। चुनाव आयोग में कार्य आवंटन को लेकर उठे विवाद के बीच आयोग ने नया आदेश जारी कर आईटी विभाग की जिम्मेदारियों और निगरानी व्यवस्था को फिर से निर्धारित किया है। चार नवंबर को जारी आदेश के तहत महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना अब आईटी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) और शिकायत निवारण से जुड़ी फाइलें वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त पवन कुमार शर्मा के माध्यम से आगे बढ़ाएंगी। इसे पहले की व्यवस्था के अनुरूप निगरानी व्यवस्था बहाल करने के तौर पर देखा जा रहा है।
यह विवाद 28 जुलाई 2026 को जारी एक कार्यालय आदेश के बाद शुरू हुआ था। इस आदेश में आईटी और शिकायत निवारण से जुड़ी जिम्मेदारियों के आवंटन में बदलाव किया गया था। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस पर आपत्ति जताते हुए 29 जुलाई को अलग-अलग पत्र कैबिनेट सचिव को लिखे थे। दोनों आयुक्तों ने कार्य आवंटन की प्रक्रिया और आदेश जारी करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। इसके बाद 30 जुलाई को दोनों ने संयुक्त निर्देश जारी किया, जिसके बाद विवादित आदेश लागू नहीं किया गया।
चुनाव आयोग ने गुरुवार को अंदरूनी मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों के पत्र किसी नीतिगत फैसले या आईटी विभाग की कार्यप्रणाली से संबंधित नहीं थे, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़े थे। आयोग के अनुसार, आईटी विभाग पर उप चुनाव आयुक्त की निगरानी कभी समाप्त नहीं हुई और जुलाई का कार्य आवंटन आदेश लागू ही नहीं किया गया था।
आयोग ने यह भी कहा कि पिछले महीनों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित महत्वपूर्ण फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए। उसका कहना है कि आयोग के सदस्यों के बीच चर्चा, सुझाव और अलग-अलग विचार निर्णय लेने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। वहीं, नए आदेश के बाद आईटी विभाग की फाइलों के लिए उप चुनाव आयुक्त के स्तर पर निगरानी की व्यवस्था औपचारिक रूप से स्पष्ट हो गई है।
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