महापौर की गैरमौजूदगी पर मथुरा भाजपा की चुप्पी क्यों? इस्तीफे की चर्चाओं के बीच विकास कार्यों पर भी उठे सवाल

Friday, November 6, 2026 - 11:57
0
महापौर की गैरमौजूदगी पर मथुरा भाजपा की चुप्पी क्यों? इस्तीफे की चर्चाओं के बीच विकास कार्यों पर भी उठे सवाल

मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के महापौर विनोद अग्रवाल की लंबे समय से सार्वजनिक और निगम की गतिविधियों से दूरी अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। करीब तीन महीने से उनके नगर निगम कार्यालय नहीं पहुंचने और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर स्थानीय भाजपा नेताओं की ओर से भी कोई स्पष्ट सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पार्टी के भीतर और बाहर महापौर की भूमिका तथा जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

महापौर की अनुपस्थिति के बीच उनके इस्तीफे को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जाती रही हैं। हालांकि, अब तक इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विनोद अग्रवाल का नाम महापौर के रूप में दर्ज है। ऐसे में इस्तीफे की चर्चाओं के बजाय उनकी वर्तमान स्थिति और लंबे समय से जारी गैरमौजूदगी पर आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग उठ रही है।

महापौर की अनुपस्थिति का असर नगर निगम के कामकाज पर भी देखने को मिला। अक्टूबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, अवस्थापना निधि के करीब 60 करोड़ रुपये के विकास प्रस्ताव आवश्यक प्रक्रिया और हस्ताक्षरों के अभाव में लंबित थे। पार्षदों ने बोर्ड बैठक बुलाने के लिए नगर आयुक्त से संपर्क किया था। इसके बाद शासन से अनुमति लेकर 3 नवंबर को नगर निगम की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में भी महापौर शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी पर पार्षदों ने नाराजगी जताई और शहर के वार्डों में लंबित विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। बैठक की अध्यक्षता उपसभापति मुकेश सारस्वत ने की। इस दौरान 34 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें सभी 70 वार्डों में 50-50 लाख रुपये के विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल बताए गए। सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव भी शासन को भेजने के लिए स्वीकृत किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। महापौर की राजनीतिक दावेदारी और उनके पारिवारिक-राजनीतिक संबंधों को लेकर चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन किसी नेता की चुप्पी के पीछे किसी खास व्यक्ति का दबाव या प्रभाव होने का दावा फिलहाल प्रमाणित नहीं है। ऐसे में इस पहलू को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जरूरी है।

मथुरा की जनता के सामने अब कुछ सीधे सवाल हैं। महापौर लंबे समय से नगर निगम कार्यालय और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर क्यों हैं? क्या वे अपने पद की जिम्मेदारियां नियमित रूप से निभा रहे हैं? इस्तीफे की चर्चाओं में कितनी सच्चाई है? और भाजपा का स्थानीय नेतृत्व इस विषय पर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा है? नगर निगम के कामकाज और शहर के विकास से जुड़े इन सवालों का जवाब संबंधित जनप्रतिनिधियों और पार्टी नेतृत्व को देना चाहिए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User