मुजफ्फरपुर पीएनजी हादसा: 11 लोगों पर लापरवाही का आरोप, सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर
बिहार के मुजफ्फरपुर में गोबरसही-डुमरी रोड पर हुए पीएनजी गैस पाइपलाइन हादसे का मामला अब अदालत पहुंच गया है। अधिवक्ता एवं जनहित मंच के सचिव सुशील कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में 11 लोगों के खिलाफ परिवाद दायर किया है। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के वरिष्ठ अधिकारियों, पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं, नाला निर्माण एजेंसी के ठेकेदार और जेसीबी चालक को आरोपित बनाया गया है।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि नाला निर्माण के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती गई। अधिवक्ता ने दावा किया है कि पाइपलाइन से गैस रिसाव की सूचना मिलने के बावजूद समय रहते पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ मृतक के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने तथा क्षेत्र में भूमिगत पीएनजी पाइपलाइनों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी की है।
यह हादसा 2 नवंबर को गोबरसही-डुमरी रोड स्थित साहू चौक के पास हुआ था। नाला निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई के दौरान भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद गैस रिसाव हुआ और आग लगने से जोरदार विस्फोट हो गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए, जबकि आसपास के मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था।
घटना की जांच के लिए पुलिस ने नगर एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। प्रशासन और पुलिस स्तर पर भी हादसे के कारणों तथा सुरक्षा मानकों के पालन की जांच जारी है। अदालत ने परिवाद पर अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। हालांकि, परिवाद में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया और जांच के जरिए होनी बाकी है।
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