चुनाव आयोग के फॉर्म-6 स्पष्टीकरण पर बरसे जयराम रमेश, बोले- ‘शब्दों का खेल’; SIR रोकने की मांग दोहराई
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने आयोग की ओर से फॉर्म-6 को लेकर जारी स्पष्टीकरण को ‘शब्दों का खेल’ करार देते हुए कहा कि इससे प्रक्रिया की खामियां दूर नहीं होतीं। रमेश ने एक बार फिर SIR की पूरी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फॉर्म-6 में आवेदक से पूछा जाता है कि क्या वह पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर रहा है। ऐसे में जिन मतदाताओं के नाम पहले सूची में थे, लेकिन SIR के मसौदा मतदाता सूची में नहीं मिले, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए यही फॉर्म भरने को कहना भ्रम पैदा करता है। उन्होंने आयोग के इस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाया कि पहले से पंजीकृत मतदाता भी पुनः नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।
रमेश ने आरोप लगाया कि आयोग पहले मतदाताओं से घोषणा-पत्र भरवा रहा है और अब कानूनी कार्रवाई से राहत देने की बात कह रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से फॉर्म-6 के इस्तेमाल पर उठाई गई आपत्तियों और बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ में चल रहे मामले का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मौजूदा प्रक्रिया में अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं की समस्याओं का पर्याप्त समाधान नहीं किया गया है।
दरअसल, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम SIR के दौरान प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में नहीं हैं, वे अंतिम सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं। आयोग के अनुसार, केवल इस आधार पर कि किसी व्यक्ति का नाम पहले मतदाता सूची में था, उसका नया आवेदन अपने आप गलत घोषणा नहीं माना जाएगा। आयोग ने यह भी कहा है कि निर्धारित कानूनी शर्तें पूरी होने पर केवल पूर्व पंजीकरण के आधार पर ऐसे मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
हालांकि, चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण के बावजूद कांग्रेस ने अपनी आपत्तियां बरकरार रखी हैं। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि SIR की मौजूदा प्रक्रिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने का माध्यम बन रही है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
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