सुप्रीम कोर्ट ने SC-ST आरक्षित सीटों के रोटेशन की मांग ठुकराई, CJI सूर्यकांत बोले- ‘गलत नंबर मिला रहे, धरने का मौसम है’

Thursday, November 5, 2026 - 00:08
0
सुप्रीम कोर्ट ने SC-ST आरक्षित सीटों के रोटेशन की मांग ठुकराई, CJI सूर्यकांत बोले- ‘गलत नंबर मिला रहे, धरने का मौसम है’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों को निश्चित समय के बाद बदलने यानी रोटेशन की व्यवस्था लागू करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन लागू करना संसद और विधायिका के अधिकार क्षेत्र का विषय है। न्यायपालिका अपने स्तर पर संविधान और मौजूदा कानून में नई व्यवस्था नहीं जोड़ सकती।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने 4 नवंबर को याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की कादीपुर विधानसभा सीट के मतदाता जगदीश सिंह ने दायर की थी। उनका तर्क था कि यह सीट लंबे समय से अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है और लगातार एक ही सीट आरक्षित रहने से चुनाव लड़ने के अवसर सीमित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका लाभ व्यापक समुदाय के बजाय कुछ चुनिंदा परिवारों तक सिमट रहा है।

याचिकाकर्ता ने पंचायत और नगर निकाय चुनावों का उदाहरण देते हुए लोकसभा और विधानसभा की आरक्षित सीटों पर भी समय-समय पर रोटेशन लागू करने की मांग की थी। संविधान के अनुच्छेद 243D और 243T के तहत पंचायतों और नगरपालिकाओं में आरक्षित सीटों के रोटेशन का प्रावधान है। याचिका में इसी तरह की व्यवस्था संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में लागू करने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में SC-ST के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करते हैं, लेकिन इनमें निर्वाचन क्षेत्रों के अनिवार्य रोटेशन की व्यवस्था नहीं है। वहीं, परिसीमन अधिनियम 2002 की धारा 9(1)(c) के तहत उन क्षेत्रों को आरक्षित किया जाता है, जहां SC-ST आबादी का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस कानून में रोटेशन जोड़ने का फैसला संसद को करना होगा।

सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा, ‘आप गलत नंबर डायल कर रहे हैं। यह धरने और विरोध-प्रदर्शन का मौसम है, आप भी ऐसा कर सकते हैं।’ उन्होंने सुझाव दिया कि इस मांग को संसद और जनप्रतिनिधियों के सामने उठाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने भी कहा कि बहुदलीय लोकतंत्र में मतदाता उम्मीदवार की जाति या धर्म के बजाय राजनीतिक दल और उसकी विचारधारा के आधार पर भी मतदान कर सकते हैं।

अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। हालांकि, याचिकाकर्ता को जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रोटेशन व्यवस्था के पक्ष में सहमति बनाने की छूट दी गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल लोकसभा और विधानसभा की SC-ST आरक्षित सीटों पर अनिवार्य रोटेशन लागू नहीं होगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User