RTO के नाम पर ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली, QR कोड से भुगतान कराने का आरोप; सरकारी वाहन के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग के नाम पर मालवाहक वाहनों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेण्ड्रा-कारिआम मार्ग पर ट्रक चालकों ने आरोप लगाया है कि सरकारी वाहन से पहुंचने वाले कुछ लोग नो एंट्री और ओवरलोडिंग के नाम पर गाड़ियों को रोकते हैं और कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलते हैं। चालकों के मुताबिक, एक मामले में नकदी नहीं होने पर QR कोड के जरिए 1,000 रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए, लेकिन इसके बदले कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी गई।
मामला एक फल व्यापारी की गाड़ी के चालक की शिकायत के बाद सामने आया। चालक का आरोप है कि कारिआम RTO बैरियर के पास उसकी गाड़ी रोककर ओवरलोडिंग के जुर्माने की बात कही गई। जब उसने नकदी नहीं होने की बात बताई तो सरकारी वाहन में मौजूद एक व्यक्ति ने QR कोड दिखाकर ऑनलाइन भुगतान करा लिया। अन्य वाहन चालकों ने भी इसी तरह की वसूली किए जाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चालकों ने यह भी दावा किया कि इस दौरान CG02J5000 नंबर की सरकारी टाटा सूमो का इस्तेमाल किया जा रहा था और उसमें चार से पांच लोग मौजूद रहते थे। मामले को लेकर संबंधित RTO अधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि यदि किसी से ऑनलाइन लेनदेन कराया गया है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओवरलोडिंग या नो एंट्री के जुर्माने की आधिकारिक रसीद दी जाती है। सरकारी वाहन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने उसके दूसरे जिले की गाड़ी होने की संभावना जताई।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या परिवहन विभाग के नाम पर कार्रवाई करने वाले सभी लोगों की पहचान और अधिकारों की विधिवत जांच हो रही है। हालांकि, किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत अथवा निजी खाते में रकम जाने की बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आरोपों, वीडियो और कथित लेनदेन की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि किसी भी जुर्माने का भुगतान केवल अधिकृत सरकारी माध्यम से करें और भुगतान की आधिकारिक रसीद जरूर लें। चालान की जानकारी परिवहन विभाग के आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर भी जांची जा सकती है।
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