APPSC परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी, पूर्व सचिव समेत सात ठिकानों पर ED की छापेमारी
हैदराबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पूर्व APPSC सचिव और 1992 बैच के IPS अधिकारी पी. सीताराम अंजनयुलु समेत कई लोगों के सात ठिकानों पर तलाशी ली। ये ठिकाने तेलंगाना के हैदराबाद और सिकंदराबाद के अलावा आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में स्थित हैं।
ED ने यह मामला धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया है। जांच का संबंध ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन से है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के लिए एक निजी कंपनी को 1.14 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया और मूल्यांकन में गंभीर अनियमितताएं हुईं। अंजनयुलु संबंधित अवधि में APPSC के सचिव थे।
जांच एजेंसी ने अंजनयुलु के अलावा कैमसाइन मीडिया के प्रबंध निदेशक पी. मधुसूदन राव से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित आवासा रिसॉर्ट हैलैंड में भी जांच की गई। आरोप है कि इसी परिसर में उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन का काम कराया गया था। इसके अलावा ट्रूग्रेडर सर्विसेज और उससे जुड़े अधिकारियों के परिसरों को भी तलाशी के दायरे में रखा गया।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत अप्रैल 2025 में विजयवाड़ा के सूर्यरावपेट पुलिस थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले से हुई थी। इसके बाद जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। SIT की जांच में आरोप लगाया गया कि कैमसाइन मीडिया के पास ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं 84 दिनों तक रहीं और 66 अयोग्य व्यक्तियों को मूल्यांकन कार्य में लगाया गया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि वास्तविक मूल्यांकन के बजाय पहले से निर्धारित अंकों को OMR शीट में स्थानांतरित किया गया। इसी प्रक्रिया में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की बात सामने आई।
ED की कार्रवाई इसी कथित वित्तीय अनियमितता और उससे जुड़े धनशोधन की जांच का हिस्सा है। हालांकि, अंजनयुलु का पक्ष रहा है कि मैनुअल मूल्यांकन का निर्णय सामूहिक रूप से और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया था। उन्होंने रिसॉर्ट में मूल्यांकन कराने के पीछे सुरक्षा और व्यवस्थागत कारण भी बताए हैं।
फिलहाल ED की तलाशी और जांच जारी है। जांच एजेंसी आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और किसी भी आरोपी को दोषी ठहराए जाने का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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