लोक लेखा समिति की बैठक में छह राज्यों के मुख्य सचिवों की गैरमौजूदगी पर वेणुगोपाल नाराज, ओम बिरला से हस्तक्षेप की मांग
तिरुवनंतपुरम। संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने समिति की पिछली बैठक में छह राज्यों के मुख्य सचिवों के शामिल नहीं होने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया, ताकि समिति की गरिमा और उसके माध्यम से संसद के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।
मंगलवार को संसद और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं की लोक लेखा समितियों के अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि पीएसी की बैठकों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का उद्देश्य अधिकारियों की कमियां निकालना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन में सुधार सुनिश्चित करना है।
वेणुगोपाल के अनुसार, पिछली बैठक में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, ओडिशा, बिहार और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिवों को अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन पर मौखिक साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी मुख्य सचिव बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण समिति को योजनाओं में सामने आई कमियों की पड़ताल करने और सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने का अवसर नहीं मिल सका।
पीएसी अध्यक्ष ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं समाज के वंचित वर्गों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सहायता पहुंचने की प्रक्रिया की जांच जरूरी है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि समिति के समन के बावजूद अधिकारियों की अनुपस्थिति के मामलों में उचित हस्तक्षेप किया जाए।
वेणुगोपाल ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैग को ऑडिट की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ समग्र शिक्षा अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना और अन्य प्रमुख सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, सरकारी खर्च की जांच के साथ योजनाओं के वास्तविक परिणामों का आकलन भी जरूरी है।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन ‘ऑडिट, जवाबदेही और सुशासन : पीएसी की बदलती भूमिका’ विषय पर केंद्रित है। इसमें संसद और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं की लोक लेखा समितियों के अध्यक्ष और सदस्य भाग ले रहे हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)