आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद ईडी की हिरासत, बोले- ‘क्या यह मुसलमान होने की सजा है?’
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को शनिवार शाम रामपुर जिला जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिरासत में ले लिया। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके और बेटे अब्दुल्ला आजम के रिहाई आदेश जारी हुए थे। हालांकि, जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम आजम खान को अपने साथ ले गई, जबकि अब्दुल्ला आजम रिहा होकर घर चले गए।
जेल से बाहर आने के बाद आजम खान ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा, “अब कहने को बचा ही क्या है? कानून का वजूद खत्म हो चुका है। क्या यह एक मुसलमान होने की सजा है? हमारी गलती यह थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए, क्या यही हमारा गुनाह है?” उनका यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत दी थी। दोनों को इस मामले में पहले सजा सुनाई गई थी। शुक्रवार को हाईकोर्ट का आदेश संबंधित एमपी-एमएलए अदालत में दाखिल किया गया और जमानत की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद शनिवार को रिहाई परवाने जारी हुए।
ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों के साथ रामपुर जेल पहुंची थी। एजेंसी आजम खान को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश कर रिमांड मांगी जाएगी। ईडी पहले ही विश्वविद्यालय से संबंधित जमीन और भवन को धनशोधन निवारण कानून के तहत कुर्क कर चुकी है।
जेल के बाहर आजम खान के समर्थकों की बड़ी संख्या में भीड़ जुटी थी। उनकी हिरासत के दौरान मौके पर नारेबाजी भी हुई। वहीं, अब्दुल्ला आजम की रिहाई पर समर्थकों ने खुशी जताई। दो पैन कार्ड मामले में मिली जमानत और ईडी की अलग कार्रवाई कानूनी रूप से दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
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