अलीगढ़ में कालका मेल से 12 बच्चे मुक्त, मानव तस्करी की आशंका में एक संदिग्ध हिरासत में
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने कालका मेल एक्सप्रेस से 12 बच्चों को मुक्त कराया। ये सभी बच्चे बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं और ट्रेन से दिल्ली ले जाए जा रहे थे। मानव तस्करी की आशंका के बीच बच्चों के साथ मौजूद अजय नाम के एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12311 कालका मेल (नेताजी एक्सप्रेस) रविवार शाम करीब 6:30 बजे अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पहुंची। करनाल की एनजीओ एक्सीलेंट सिविल एकेडमी के कार्यकर्ताओं से मिली सूचना के बाद आरपीएफ, जीआरपी और एनजीओ की संयुक्त टीम ने एस-1, एस-2 और एस-3 कोच की जांच की। इस दौरान 12 बच्चों को ट्रेन से उतारा गया।
जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार द्विवेदी के मुताबिक, हिरासत में लिया गया अजय खुद को कुछ बच्चों का मौसा बता रहा है। बच्चों में से 10 की उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है। शुरुआती पूछताछ में बच्चों ने परिजनों की सहमति से दिल्ली में मजदूरी करने जाने की बात कही। उन्हें इसके बदले हर महीने पांच से आठ हजार रुपये मजदूरी मिलने की बात बताई गई थी।
हालांकि, पूछताछ के दौरान बच्चे दिल्ली में अपने ठहरने के स्थान और संपर्क से जुड़ी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। पुलिस को आशंका है कि बच्चों को बाल श्रम के लिए दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में ले जाया जा रहा हो सकता है। बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें अलीगढ़ बुलाया गया है।
फिलहाल सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन की टीम के सुपुर्द किया जा रहा है। उन्हें सोमवार को बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरपीएफ और जीआरपी की टीमें संदिग्ध अजय से अलग-अलग पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, वह पूछताछ में स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। परिजनों से बातचीत और जांच पूरी होने के बाद ही बच्चों को ले जाने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)