चलो दिल्ली: रामलीला मैदान में विपक्षी एकजुटता का प्रदर्शन, सुबह से जुटने लगे थे कार्यकर्ता
नई दिल्ली। राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया गठबंधन की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली के दौरान विपक्षी एकजुटता की तस्वीर देखने को मिली। मंच पर गठबंधन के प्रमुख नेता मौजूद रहे, वहीं मैदान और आसपास की सड़कों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और समर्थक अपने झंडों के साथ जुटे नजर आए। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित गठबंधन के सहयोगी दलों की भागीदारी ने कार्यक्रम को साझा शक्ति प्रदर्शन का रूप दिया।

रैली में शामिल होने के लिए समर्थकों का पहुंचना सुबह करीब नौ बजे से ही शुरू हो गया था। इसके बाद रामलीला मैदान की ओर आने वालों का सिलसिला लगातार बढ़ता रहा। दोपहर तीन बजे कार्यक्रम शुरू होने तक अलग-अलग राज्यों से आए कार्यकर्ता मैदान में पहुंचते रहे। कई समर्थक पार्टी के झंडे लेकर नारे लगाते और गीतों पर उत्साह जताते दिखाई दिए। देशभक्ति गीतों और नारों से मैदान का माहौल लगातार जोशपूर्ण बना रहा।

रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सहित कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया। इससे पहले कई नेता खरगे के आवास से खुले वाहन में सवार होकर मिंटो रोड पहुंचे और वहां से रामलीला मैदान तक मार्च में शामिल हुए।
विपक्षी दलों ने यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में आयोजित की थी। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और मतदान के अधिकार तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। करीब 80 मिनट तक चले नेताओं के संबोधनों के दौरान समर्थक लगातार नारे लगाते और तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे।
रैली में 21 विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी की खबरें सामने आईं। आयोजन के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस के 4,000 से अधिक जवानों और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था, जबकि निगरानी के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया गया।
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