उत्तराखंड: रेखा आर्या प्रकरण में गिरधारी के भतीजे की भूमिका जांच के दायरे में, एसआईटी खंगाल रही कारोबारी नेटवर्क
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की पड़ताल का दायरा बढ़ता जा रहा है। गिरधारी लाल साहू के फरार होने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे जुड़े रिश्तेदारों और कारोबारी नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही हैं। इसी कड़ी में उनके भतीजे सतेंद्र राठौर का नाम सामने आया है, जिन्हें संबंधित कंपनी में निदेशक बनाया गया था।
जांच में सामने आया है कि पहले रेखा आर्या की भूमिका कंपनी में निदेशक के तौर पर थी, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाया गया। एसआईटी इस बदलाव से जुड़े कंपनी रिकॉर्ड, दस्तावेजों और नियुक्ति की प्रक्रिया की जांच कर रही है। रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों के जरिए कई कंपनियों के निदेशक पद से हटाया गया था। इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।
मामले में बनखंडी रुद्राक्षधाम इन्फ्राडेवलपर प्राइवेट लिमिटेड और श्री अंबे ऑटो डीलर प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य कंपनियों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं। बरेली के लालपुर गांव में निर्माणाधीन फार्महाउस से जुड़ी जमीन और कंपनी के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कंपनियों के संचालन और संपत्तियों में किन लोगों की क्या भूमिका रही है।
इसके अलावा वायरल ऑडियो में नाम सामने आने के बाद कल्पना मिश्रा की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। एसआईटी गिरधारी लाल साहू और उनसे जुड़े लोगों की तलाश के साथ मामले के दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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