बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसे की जांच करेगी DGCA और AAIB की टीम, आज पहुंचेगी विशेषज्ञों की टीम
उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुए बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की विशेषज्ञ टीमें करेंगी। शनिवार को जांच दल उत्तराखंड पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगा। जांच के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
30 अक्टूबर को ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। दोपहर करीब 1:14 बजे उड़ान भरने के बाद ज्योतिर्मठ क्षेत्र के चाई गांव के पास हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट सहित विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर का पंजीकरण नंबर VT-HCX था और यह AS350B3 मॉडल का था।
DGCA ने दुर्घटना के बाद प्रारंभिक और नियामकीय आकलन के लिए अपनी टीम देहरादून भेजी है, जबकि AAIB दुर्घटना की विस्तृत जांच करेगी। जांच में हेलिकॉप्टर के मलबे, तकनीकी स्थिति, रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड और उड़ान संचालन के पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। मौसम, दृश्यता और अन्य संभावित कारणों की भी जांच के दौरान समीक्षा होगी।
चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा को लेकर यह हादसा एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाला है। वर्ष 2025 में यात्रा के दौरान पांच हेलिकॉप्टर हादसे हुए थे। इनमें तीन मामलों में आपात लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए, जबकि उत्तरकाशी और केदार घाटी में हुए दो हादसों में पायलट सहित 13 लोगों की जान गई थी।
पिछले हादसों के बाद हेलिकॉप्टर संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने और निगरानी बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए थे। सोनप्रयाग और सहस्त्रधारा में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम तथा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। इसके बावजूद ज्योतिर्मठ के पास हुई दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट से हादसे के कारणों और भविष्य में सुरक्षा उपायों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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