महादेव सट्टेबाजी ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से छिपाई पहचान

Monday, November 2, 2026 - 20:16
0
महादेव सट्टेबाजी ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से छिपाई पहचान

नई दिल्ली। करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले के प्रमुख आरोपी और ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, विदेश में अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने इंडोनेशिया में जारी एक कथित फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। यह दस्तावेज 'अजंता मेंडिस' नाम से जारी बताया गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने जुलाई 2026 में हिरासत में लिया था। उसके यात्रा दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद यह कार्रवाई हुई। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों के साथ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की। CBI की विशेष टीम उसे आज भारत लेकर आई।

दिल्ली की अदालत में पेश किया गया

भारत लाए जाने के बाद सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में पेश किया गया। अदालत ने CBI को उसे रायपुर ले जाने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। अब उसे छत्तीसगढ़ की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रत्यर्पण की शर्तों और CBI मामले में गिरफ्तारी के अधिकार को लेकर सवाल उठाए, जबकि जांच एजेंसी ने अपनी कानूनी दलीलें रखीं।

CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर दो मामलों में वांछित है और इन दोनों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ED के धन शोधन मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज है। उस पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप हैं। इन आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

**कैसे चलता था महादेव सट्टेबाजी का नेटवर्क?**

CBI की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में शामिल था और इसका संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था। क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर दांव लगवाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं का नेटवर्क बनाया गया था। इनके जरिए लोगों को जोड़ा जाता था और सट्टे की रकम जमा कराई जाती थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क से हासिल रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन में घुमाया जाता था और फिर हवाला माध्यमों से विदेश भेजा जाता था। CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि नेटवर्क को बिना रुकावट चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को कथित तौर पर 'प्रोटेक्शन मनी' दी जाती थी। जांच में इस पूरे नेटवर्क के संचालन, वित्तीय लेनदेन और कथित संरक्षण से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

**छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर CBI ने संभाली थी जांच**

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर CBI ने महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी। इस मामले में सौरभ चंद्राकर के साथ रवि उप्पल का नाम भी प्रमुख आरोपियों में शामिल है। ED ने भी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में देश और विदेश में कई संपत्तियां अटैच की हैं। मार्च 2026 में सौरभ चंद्राकर से जुड़े मामले में करीब 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि पूछताछ से कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, उसके वित्तीय लेनदेन और उसे संरक्षण देने वालों के बारे में अहम जानकारियां मिल सकती हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ और रायपुर की अदालत में आगे की कानूनी कार्यवाही पर है।

<text color="secondary" size="xs">साभार: भड़ास न्यूज़ (Bhadash News)</text>

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User