रामलीला मैदान से खरगे की हुंकार- मोदी को हटाएंगे, तभी बचेगा लोकतंत्र; ममता और तेजस्वी ने भी साधा निशाना
नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी को सत्ता से हटाए बिना लोकतंत्र की रक्षा नहीं की जा सकती। खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष को डराने के लिए ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन विपक्ष इससे पीछे हटने वाला नहीं है।

खरगे ने अपने संबोधन में बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में जनादेश के साथ खिलवाड़ कर सरकारें बनाई गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह महिलाओं, युवाओं और दलितों के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक वह पद से नहीं हटते, विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल इस प्रक्रिया से प्रभावित हुआ है और उनकी पार्टी इसे स्वीकार नहीं करेगी। ममता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम हटाने के साथ-साथ मतगणना प्रक्रिया में भी हस्तक्षेप किया गया। उन्होंने न्यायपालिका और मीडिया से लोकतंत्र तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में बिहार का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी की शुरुआत बिहार से हुई। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की तुलना महाभारत से करते हुए कहा कि यह लड़ाई देश के मतदाताओं और कथित तौर पर उनके अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के बीच है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।
रैली में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और वाम दलों सहित INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग की जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

विपक्षी नेताओं ने अपने भाषणों में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर कई आरोप लगाए। वहीं, चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की कवायद बताया है और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)