संसद में मोदी-राहुल के बीच हो सीधी बहस: कपिल सिब्बल की मांग, अमित शाह से पूछा- SIR पर अचानक क्यों बदला रुख?
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच खुली बहस की मांग के बीच राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने दोनों नेताओं के लिए संसद में आमने-सामने सवाल-जवाब का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष एक-दूसरे से सीधे सवाल पूछें और इस दौरान किसी अन्य सांसद को बीच में बोलने या बाधा डालने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। सिब्बल के मुताबिक, यह चर्चा बिना रुकावट तब तक चलनी चाहिए, जब तक जरूरी हो।
सिब्बल ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बदले रुख को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिसंबर में जब विपक्ष ने संसद में SIR पर चर्चा की मांग की थी, तब गृह मंत्री ने इसे चुनाव आयोग का विषय बताते हुए कहा था कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। लेकिन अब शाह कह रहे हैं कि SIR पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
सिब्बल ने सवाल किया कि जब पहले सरकार इस प्रक्रिया को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बता रही थी, तो अब चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की बात क्यों की जा रही है? उन्होंने गृह मंत्री से पूछा कि क्या इस बदलाव का मतलब यह है कि SIR के लिए सरकार भी जिम्मेदार है। सिब्बल ने मांग की कि सरकार इस विषय पर अपनी भूमिका स्पष्ट करे।
संसद में विपक्ष की आवाज दबाए जाने का आरोप लगाते हुए सिब्बल ने कहा कि बहस के दौरान विपक्षी नेताओं को बीच में रोका जाता है और कई बार उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच सीधा संवाद होने से अहम मुद्दों पर जवाबदेही तय करने का अवसर मिलेगा।
यह बयान राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए जाने के बाद आया है। वहीं, भाजपा नेताओं ने राहुल की चुनौती पर सवाल उठाए हैं। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उनके बयान को अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बहस के लिए संसद पहले से ही उपलब्ध मंच है।
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