राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाइट से छेड़छाड़ कर तैयार कराए फर्जी जमानत आदेश, डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने के निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाइट पर फर्जी जमानत आदेश अपलोड करने के आरोप में एनडीपीएस आरोपी कुलविंद्र सिंह पर केस दर्ज हुआ है।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के नाम से फर्जी न्यायिक आदेश तैयार कर जमानत हासिल करने के कथित मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने जोधपुर पुलिस आयुक्त को डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में साइबर क्राइम विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।
न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा ने 5 नवंबर को कलविंद्र सिंह पनेसर की जमानत अवधि बढ़ाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। आरोपी को प|ी की सर्जरी के आधार पर 6 मई 2026 को 30 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। शर्त के अनुसार उसे दो लाख रुपए जमा कराने और जमानत अवधि पूरी होने पर जेल में आत्मसमर्पण करना था। हालांकि, जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी 9 जून को निर्धारित समय पर वापस जेल नहीं पहुंचा।
इस पर हाईकोर्ट ने आरोपी के जमानत मुचलके निरस्त कर जमानतदारों की राशि जब्त करने तथा गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए। साथ ही संबंधित पुलिस अधीक्षक को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने 12, 15 और 26 अक्टूबर 2026 के तीन कथित जमानत आदेशों का मामला आया। न्यायिक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि इन तारीखों पर संबंधित मामले अदालत में सूचीबद्ध ही नहीं थे और न ही ऐसे कोई आदेश पारित किए गए थे। अदालत ने इन आदेशों को फर्जी और जाली बताया। मामले में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (न्यायिक) नरेंद्र कुमार की ओर से जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। हाईकोर्ट ने जांच टीम को प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की जानकारी मुख्य न्यायाधीश को भेजने के आदेश भी दिए हैं। अदालत ने कहा कि न्यायिक आदेशों की प्रामाणिकता से खिलवाड़ न्यायिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
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