बिहार: बेल्ट्रॉन कर्मचारियों का पटना में प्रदर्शन, 20 हजार कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग; पुलिस से टकराव के बाद हंगामा
पटना। बिहार में बेल्ट्रॉन के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को राजधानी पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर गांधी मैदान के कारगिल चौक से निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि लंबे समय से सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे बेल्ट्रॉन कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए और उनकी सेवा नियमित की जाए।
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से इनकम टैक्स गोलंबर की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे कर्मचारी नाराज हो गए और मौके पर हंगामा शुरू हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे और वहां भी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आंदोलन में महिला कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
संयुक्त मोर्चा का दावा है कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 20 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। संगठन के अनुसार, इनमें से कई कर्मचारी वर्ष 1997 से लगातार सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
संयुक्त मोर्चा के संरक्षक चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के कारण कई कर्मचारियों की उम्र सरकारी नौकरी की निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी है। ऐसे में उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को नियमितीकरण का फैसला लेना चाहिए। संगठन के सदस्य अशोक कुमार यादव ने दावा किया कि पिछले 29 वर्षों में सैकड़ों कर्मचारी बिना किसी सेवानिवृत्ति लाभ के ही सेवा से बाहर हो चुके हैं।
कर्मचारियों ने सरकार से पदों का सृजन करने, निर्धारित वेतनमान लागू करने, सेवा नियमावली बनाने और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने की मांग की है। साथ ही अपनी मांगों को लेकर लिखित सरकारी आदेश जारी करने की अपील की है।
इस आंदोलन का असर केवल पटना तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बिहार के सभी 38 जिलों में भी कर्मचारियों ने रोड मार्च और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशव्यापी हड़ताल और चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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