झारखंड में बंद पड़ी खदानों पर सरकार का बड़ा फैसला: 111 खदानों का आवंटन रद्द कर दोबारा नीलामी की तैयारी
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने लंबे समय से बंद पड़ी खदानों का आवंटन रद्द कर उन्हें दोबारा नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। राज्य में आवंटित 165 कोयला खदानों में से 62 बंद पड़ी हैं। वहीं, लौह अयस्क, बॉक्साइट, तांबा और सोना समेत अन्य प्रमुख खनिजों के 85 पट्टों में से 49 खदानों में भी उत्पादन नहीं हो रहा है। इस तरह कुल 111 खदानें लंबे समय से निष्क्रिय हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बंद खदानों की स्थिति का आकलन करने और उन्हें दोबारा चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां इसे फिर से शुरू कराने की संभावनाएं तलाशी जाएं। वहीं, जिन खनिज ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन वे लंबे समय से संचालित नहीं हैं, उनका आवंटन रद्द कर राजस्व का नए सिरे से आकलन करने के बाद दोबारा नीलामी कराई जाए।
सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना, खनन गतिविधियों को गति देना और राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है। इसके साथ ही खनन पट्टा क्षेत्रों तथा चालू और बंद खदानों की मैपिंग कराने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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