जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा: बेंगलुरु के पांच श्रद्धालुओं की मौत, पुलिस इंस्पेक्टर भी शामिल
उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में शुक्रवार दोपहर हुए हेलीकॉप्टर हादसे में पांच श्रद्धालुओं सहित कुल छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके भी शामिल थे। हादसे में हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु सबरवाल की भी जान चली गई। सभी पांच यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे और उनकी पहचान कर ली गई है।
हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की पहचान प्रतापा, अरुण सालुंके, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एच.एस. नटराज के रूप में हुई है। अरुण सालुंके बेंगलुरु पुलिस की सीसीबी में इंस्पेक्टर थे और 2007 बैच के अधिकारी बताए गए हैं। वह मूल रूप से कर्नाटक के बेलगावी जिले के अर्तल गांव के रहने वाले थे। शंकर गौड़ा तुमकुरु जिले के वकील थे, जबकि एच.एस. नटराज पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े थे। पायलट कैप्टन हिमांशु सबरवाल दिल्ली के रहने वाले थे।
ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ था। यह दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से उड़ा और जोशीमठ घाटी के ऊपर से गुजरते समय इसका संपर्क और ट्रैकिंग सिस्टम से लोकेशन मिलनी बंद हो गई। करीब 2:20 बजे हाथी पर्वत क्षेत्र में चाई गांव के पास हेलीकॉप्टर पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने सभी छह लोगों के शव बरामद कर लिए। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और अंधेरा होने के कारण शवों को सुरक्षित नीचे लाने की प्रक्रिया में कठिनाई आई।
हादसे के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को उड़ान से रोक दिया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम ने भी दुर्घटना का प्रारंभिक आकलन शुरू किया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
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