चक्रवात अर्नब का असर: उत्तर भारत में गिरा तापमान, ओडिशा-आंध्र में भारी नुकसान; कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब भले ही कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसका प्रभाव देश के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में बारिश और बादलों के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति बनी है। दिल्ली में चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5.6 डिग्री कम रहा। इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा। हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका भी व्यक्त की गई है। बिहार में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
ओडिशा में चक्रवात के प्रभाव से कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी। गंजाम जिले के करीब 300 गांव प्रभावित बताए गए, जिनमें लगभग 70 गांवों के बाढ़ के कारण संपर्क प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय तटरक्षक बल ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हवाई अभियान भी शुरू किया।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने दस्तक दी थी। इस दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। तटीय क्षेत्रों में प्रशासन ने पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत व्यवस्था के लिए कदम उठाए थे। झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। झारखंड के कुछ जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए थे।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब कमजोर होकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इसके प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि, मौसम प्रणाली के कमजोर होने के साथ बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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