मणिपुर में फिर उठी अलग प्रशासन की मांग, कुकी-जो काउंसिल ने सरकार को दी चेतावनी
इंफाल। मणिपुर में सुरक्षा हालात की समीक्षा के बीच कुकी-जो काउंसिल ने एक बार फिर अलग प्रशासन की मांग उठाई है। काउंसिल ने राज्य सरकार पर कुकी-जो समुदाय के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अपनी मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सीआरपीएफ और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारी राज्य में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
कुकी-जो काउंसिल का दावा है कि राज्य में जारी जातीय हिंसा के कारण 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 40 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। काउंसिल ने इन आंकड़ों के आधार पर समुदाय की सुरक्षा और राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, ये आंकड़े काउंसिल के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
काउंसिल की प्रमुख मांग कुकी-जो बहुल क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था की है। उसका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में समुदाय की सुरक्षा, अधिकारों और राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए अलग व्यवस्था जरूरी है। दूसरी ओर, राज्य में शांति बहाली और सामान्य स्थिति की वापसी के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं।
सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के दौरों का उद्देश्य जमीनी स्थिति का आकलन करना और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करना है। हालांकि, अलग प्रशासन की मांग और सुरक्षा रणनीति का राज्य की शांति प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा, यह केंद्र और राज्य सरकारों की आगे की कार्रवाई तथा संबंधित पक्षों के बीच बातचीत पर निर्भर करेगा।
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